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उद्बोधक १२:९-११

उपदेशक की बुद्धि और शिक्षा

उद्बोधक १२:९-११
९
बुद्धिमान होने के साथ साथ दार्शनिक ने लोगों को ज्ञान भी सिखाया उसने खोजबीन की और बहुत से नीतिवचन को इकट्ठा किया.
१०
दार्शनिक ने मनभावने शब्दों की खोज की और सच्चाई की बातों को लिखा.
११
बुद्धिमानों की बातें छड़ी के समान होती हैं तथा शिक्षकों की बातें अच्छे से ठोकी गई कीलों के समान; वे एक ही चरवाहे द्वारा दी गईं हैं.
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