Skip to content
2 इतिहास ६:४०-४२

अन्तिम विनती और निष्कर्ष

2 इतिहास ६:४०-४२
४०
“अब, मेरे परमेश्वर, मेरी विनती है कि इस स्थान में की गई प्रार्थना के प्रति आपकी आंखें खुली और आपके कान सचेत बने रहें.
४१
“इसलिये अब, याहवेह परमेश्वर, खुद आप और आपकी शक्ति संदूक,
४२
याहवेह परमेश्वर अपने अभिषिक्त की प्रार्थना अनसुनी न कीजिए.

बाइबल पाठ: Biblica® Open Hindi Contemporary Version™, © 1978, 2009, 2016, 2019 Biblica, Inc. · CC BY-SA 4.0“Biblica” is a trademark registered in the United States Patent and Trademark Office by Biblica, Inc., used with permission.