Skip to content
1 योहन ४:११-१२

1 योहन ४:११-१२

११
प्रिय भाई बहनो, यदि हमारे प्रति परमेश्वर का प्रेम इतना अधिक है तो सही है कि हममें भी आपस में प्रेम हो.
१२
परमेश्वर को किसी ने कभी नहीं देखा. यदि हममें आपस में प्रेम है तो हमारे भीतर परमेश्वर का वास है तथा उनके प्रेम ने हममें पूरी सिद्धता प्राप्‍त कर ली है.
Settings

Reading Style

Typeface

Font Size 19px

Reading Width 45 chars

Options