Skip to content
1 योहन ३:२०-२१

1 योहन ३:२०-२१

२०
जब कभी हमारा अंतर्मन हम पर आरोप लगाता रहता है; क्योंकि परमेश्वर हमारे हृदय से बड़े हैं, वह सर्वज्ञानी हैं.
२१
इसलिये प्रिय भाई बहनो, यदि हमारा मन हम पर आरोप न लगाए तो हम परमेश्वर के सामने निडर बने रहते हैं
Settings

Reading style

Typeface

Font size 19px

Reading width 90 chars

Options