Eliashib
Eliashib का उल्लेख करने वाले वचन
तब महापुरोहित एलियाशिब ने अपने भाइयों को अपने साथ लिया, जो पुरोहित थे और इन्होंने भेड़-फाटक को बना दिया. उन्होंने इसे समर्पित किया और इसके पल्ले उसमें जड़ दिए. उन्होंने शहरपनाह को हम्मेआ और हनानेल मीनारों तक समर्पित कर दिया.
उसके पास वाले भाग की मरम्मत ज़ब्बाई के पुत्र बारूख ने बहुत ही उत्साह से की, जो उस चढ़ाई से लेकर महापुरोहित एलियाशिब के घर के द्वार तक है.
उसके पास वाले भाग की हक्कोज़ के पोते उरियाह के पुत्र मेरेमोथ ने और दूसरे भागों की भी मरम्मत की. यह भाग एलियाशिब के घर के द्वार से शुरू होकर उसके घर के आखिरी छोर तक था.